Monday, August 5, 2013

दैनिक ट्रिब्यून की री लांचिंग प्रक्रिया तेज हो गई है। अलग से परिशिष्ट और नियमित पेजों का रंग-रूप और तेवर बदलने की तैयारी है। डॉ उपेन्द्र पांडे जी ने भी ज्वाइन कर लिया है। इधर डिजाइनिंग में मदद कर रहे डॉ कुलदीप धीमान जी एक दिन अपना कैमरा ले आए। मैं और चंडीगढ़ से हमारे रिपोटर दिनेश भारद्वाज बैठे थे कुछ नई योजनाओं के सिलसिले में। श्री अरुण नैथानी जी भी साथ में लगे हैं। लेकिन उनका रुटीन काम भी बहुत है। डॉ धीमान साहब कैमरा लाने वाले हैं, ऐसा पता होता तो निश्चित रूप से में दाढ़ी बनाकर आता। खैर इससे क्या फर्क पड़ता है। मैं जैसा हूं वैसा ही दिखूंगा बस बेहतरीन पेज की तरह दाढ़ी बनी होती तो फाइन ट्यून हो जाता। चलिए लिखने का यह सिलसिला जारी रहेगा। अभी शाम के सात बजे हैं। थोड़ी देर बाद संपादक श्री संतोष तिवारी जी के साथ बैठक होगी। संभवत: आज री लांच को लेकर अहम उच्च स्तरीय बैठक होने वाली है।



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