आज त्यागी जी ने कहा कि कुछ लिखते पढ़ते रहो त्यागी जी वो शख्स जो हमारे बीच में हम लोगों को आगाह करते रहते हैं पेज छोड़ने तक बातआयी पेज छोड़ने कि तो एक बात लिखना चाहता हूँ कि क्या जिन्दगी हो गयी इन दिनों न घर के बहार के। नईदुनिया बसाने के लिए निकले हैं बड़े जोस्श-ओ-खरोश के साथ आज कुछ पता चला
है। kउच्